NEET विवाद के बाद परीक्षा सुधार पर केंद्र का बड़ा कदम,नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड टास्क फोर्स गठित

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NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए देशव्यापी छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो संदेश जारी कर इसकी घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं और संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला विधेयक भी लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जो अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित हो।

प्रधानमंत्री ने बताया कि टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर भविष्य की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे। समिति में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और प्रशासनिक अधिकारी अमृत लाल मीणा भी शामिल हैं।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब NEET-UG 2026 को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी गई हैं और विभाग के कामकाज की समीक्षा की जा रही है।

उधर, सरकार सोमवार को लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करेगी। प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा, भारी जुर्माने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का प्रावधान शामिल है।