मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरोंदा में आयोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के रजत जयंती समारोह में केंद्र और राज्य सरकार ने ग्रामीण सड़क, आवास और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने “गांवों की तकदीर और तस्वीर” बदल दी है। उनके अनुसार, ग्रामीण सड़कें अब सिर्फ मांगों का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच की “जीवन रेखा” बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में PMGSY-IV के तहत मध्य प्रदेश को 1,763 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,117 किलोमीटर लंबी 973 नई सड़कों की मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से करीब 987 ग्रामीण बसों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वहीं, पीएम जन-मन योजना के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से 384 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है, जिससे 168 जनजातीय बहुल बसों को लाभ मिलने की बात कही गई।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए मध्य प्रदेश को 2,055 करोड़ रुपये की “मदर सैंक्शन” भी जारी की गई। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY मद में राज्य को 830 करोड़ रुपये का सांकेतिक आवंटन भी दिया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “गांव की सड़क सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि समृद्धि का प्रवेश द्वार है।” उन्होंने कहा कि राज्य में PMGSY के मानकों में आने वाली सभी पात्र सड़कों को अपनाने दी जाएगी और कोशिश होगी कि कोई गांव सड़क संपर्क से वंचित न रहे।
समारोह में PMGSY के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को भी सम्मानित किया गया। सड़क निर्माण की कुल लंबाई और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे कई मानकों में मध्य प्रदेश को पहला स्थान मिला। राज्य में अब तक 90 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण और 17 हजार से ज्यादा बसों को जोड़ने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ग्रामीण विकास, आवास, सड़क संपर्क और किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि “खाली भारत” के लक्ष्य में गांवों का विकास सबसे अहम आधार होगा

