चीन ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। बीजिंग में शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “चीन हर प्रकार के आतंकवाद का सख्त विरोध करता है और 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है।”
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि चीन सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की अपील करता है।
हालांकि, चीन ने अमेरिका की तरह हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का नाम नहीं लिया।
TRF ने ली थी ज़िम्मेदारी, फिर मुकरा
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 आम नागरिकों की मौत हुई थी। हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन TRF ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। TRF लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।
हालांकि, चार दिन बाद यानी 26 अप्रैल को TRF ने इस जिम्मेदारी से इनकार कर दिया। संगठन के प्रवक्ता अहमद खालिद ने दावा किया कि उनकी वेबसाइट हैक कर ली गई थी और पहलगाम हमले में उनका कोई हाथ नहीं है।
भारत सरकार TRF को पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है। जनवरी 2023 में गृह मंत्रालय ने इसे यूएपीए (UAPA) कानून के तहत आतंकी संगठन की सूची में शामिल किया था।
2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद बना TRF
TRF की स्थापना 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से खड़ा किया गया।
TRF जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के अलावा, सीमा पार से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी में भी संलिप्त रहा है। संगठन हाइब्रिड आतंकवादियों की भर्ती करता है — यानी ऐसे लोग जो आम नागरिकों की तरह दिखते हैं लेकिन गुप्त रूप से आतंकी गतिविधियों में लिप्त होते हैं।
अमेरिका ने TRF को घोषित किया आतंकी संगठन
इस बीच अमेरिका ने भी पहलगाम हमले की कड़ी आलोचना करते हुए TRF को “विदेशी आतंकी संगठन” (FTO) और “विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी” (SDGT) घोषित किया है।
FTO सूची में शामिल किए जाने के प्रभाव:
- अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं को ऐसे संगठन से कोई लेनदेन करने की अनुमति नहीं होती।
- किसी भी प्रकार की सहायता (धन, हथियार या अन्य संसाधन) गैरकानूनी मानी जाती है और उसके लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
SDGT सूची में शामिल होने का असर:
- अमेरिका में मौजूद संगठन की संपत्तियाँ जब्त कर ली जाती हैं।
- वैश्विक वित्तीय संस्थानों तक पहुंच सीमित हो जाती है, जिससे फंडिंग मुश्किल हो जाती है।
इस कदम के बाद उम्मीद है कि अन्य देश भी TRF के खिलाफ कार्रवाई को और गंभीरता से लेंगे।

