राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में जयपुर जिले के 18 निकायों में मतदान पूरा हो गया। कुल 87.06 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सबसे ज्यादा 89.91 फीसदी मतदान कालाडेरा नगर पालिका में दर्ज किया गया।
इन 18 निकायों में मतदान के लिए कुल 565 बूथ बनाए गए थे। इनमें 152 बूथ संवेदनशील श्रेणी में रखे गए थे। मतदान के दौरान कुछ जगहों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद की स्थिति बनी, हालांकि प्रशासन की ओर से मशीनों को ठीक करने के बाद मतदान दोबारा शुरू करा दिया गया।
मतदान के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित निकाय क्षेत्रों में अलग-अलग मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
कुछ बूथों पर ईवीएम में आई तकनीकी खराबी
शाहपुरा: वार्ड 40 के बूथ नंबर 49 पर सुबह करीब 8 बजे ईवीएम का एक बटन काम नहीं करने से मतदाताओं ने विरोध किया। तकनीकी टीम ने करीब 25 मिनट में समस्या दूर की और 8:25 बजे मतदान फिर शुरू हो गया।
चाकसू: बूथ नंबर 18 पर एक निर्दलीय प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह ईवीएम पर स्पष्ट दिखाई नहीं देने की शिकायत के बाद प्रत्याशी और समर्थकों ने विरोध किया। कुछ देर के लिए मतदान प्रभावित हुआ।
कानोता: वार्ड 19 के बूथ पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आने के बाद मतदान कुछ समय के लिए रोका गया। बाद में नई मशीन मंगाकर मतदान शुरू कराया गया।
किन निकायों में हुआ मतदान?
पहले चरण में चौमूं और शाहपुरा नगर परिषद के अलावा 16 नगर पालिकाओं में मतदान हुआ। इनमें मनोहरपुर, फुलेरा, सांभर, नारायणा, किशनगढ़-रेनवाल, दूदू, चाकसू, फागी, जोबनेर, खेजरोली, जमवारामगढ़, वाटिका, कानोता, बस्सी, बगरू और कालाडेरा शामिल हैं।
इन 18 निकायों में कुल 537 वार्ड, 1,920 प्रत्याशी और 3,90,378 मतदाता थे।
कालाडेरा में सबसे ज्यादा, सांभर में सबसे कम मतदान
18 निकायों में सबसे अधिक मतदान कालाडेरा में 89.91 फीसदी रहा। इसके बाद दूदू में 89.17 फीसदी, बस्सी में 88.92 फीसदी और चाकसू में 88.80 फीसदी मतदान हुआ।
वहीं सांभर में सबसे कम 80.66 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। फुलेरा में 81.39 फीसदी और किशनगढ़-रेनवाल में 83.41 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला।
अब 14 सितंबर को आएंगे नतीजे
मतदान खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम को जयपुर शहर के भवानी निकेतन में जमा नहीं कराएंगी। संबंधित क्षेत्रों के लिए तय किए गए मतगणना केंद्रों पर ही ईवीएम जमा कराई जाएंगी।
14 सितंबर को होने वाली मतगणना में तय होगा कि इन 18 नगरीय निकायों में जनता ने किस पार्टी और प्रत्याशी के पक्ष में अपना फैसला दिया है।
मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश
मतदान को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने 18 नगरीय निकाय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। इसका उद्देश्य सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले मतदाताओं को मतदान के लिए पर्याप्त अवसर देना था।

