बांसवाड़ा/जयपुर, 20 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित चुड़ादा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है किसान लाभ की खेती अपनाएं और आय बढ़ाएं। इसी क्रम में ग्राम विकास रथ प्रदेशभर में संचालित किए गए, ताकि किसान योजनाओं से रूबरू हों और विकास की यात्रा में मजबूती से सहभागी बने। उन्होंने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों द्वारा पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है। इसके अंतर्गत बिजली-पानी की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि सरकार खुशहाल और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। वहीं, 26 जिलों के किसानों को दिन के समय में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जो कि वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में उपलब्ध होगी।
उन्होंने स्थानीय पैदावार के अनुरूप प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के साथ-साथ ग्रीन हाउस और पॉली हाउस के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान देते हुए दुग्ध संकलन केन्द्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सहकारिता का निरंतर विस्तार हो रहा है। प्रत्येक पंचायत पर सहकारिता की यूनिट की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरगामी नीतियों एवं प्रभावी निर्णयों को लागू करते हुए राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हस्ताक्षरित हुए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू में से 9 लाख करोड़ का क्रियान्वयन राज्य सरकार की नीति और नीयत का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 4 लाख भर्तियों को संकल्प को पूरा करने की दिशा में सवा लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने के साथ ही, सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया है। वहीं, 1 लाख 35 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा है, जिसका उपयोग करते हुए वे कृषि में नवाचार करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। किसानों को सम्मान निधि देने के साथ पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, बीज मिनी किट, ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण का लाभ दिया जा रहा है। गेहूं की खरीद पर 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। वहीं, किसानों को बिजली बिलों में 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ दिया जा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है। पशुओं के इलाज के लिए प्रदेशभर में मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
ग्राम विकास चौपाल में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील एवं विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कृषकों से विभिन्न नवाचारों पर संवाद किया और किसानों, पशुपालकों एवं युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के चैक एवं स्वीकृति पत्र भी सौंपे। इस दौरान भरत कुमावत, बहादुर सिंह, सुविया, कैलाश, मनु, कलसिंह, निर्भय सिंह गणावा ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं के संचालन के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा, शंकरलाल डेचा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

