नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक की 19 विपक्षी पार्टियां अब देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगी। बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में विपक्षी दलों ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालने का फैसला किया है।
विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे, जबकि INDIA ब्लॉक के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया और संस्थागत मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं रखेंगे।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेना और भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराना शामिल है।
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें
करीब तीन घंटे चली बैठक में विपक्षी दलों के बीच तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
पहली मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाए। दूसरी मांग है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता को नोटिस तथा अपील का अवसर दिया जाए।
तीसरी मांग भविष्य के चुनावों में EVM की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विपक्ष की मांगों में SIR से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल और मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों के लिए प्रभावी अपील व्यवस्था भी शामिल है।
खड़गे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ है और विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने EVM, मतदाता सूची में बदलाव और वोटर लिस्ट में नामों को हटाए जाने से जुड़े सवालों का जिक्र किया। खड़गे ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, ये आरोप विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग जवाब दिए गए हैं।
राहुल गांधी और ममता बनर्जी ने क्या कहा?
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विपक्ष राजनीतिक रूप से संघर्ष करेगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बैठक में शामिल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों को विपक्ष के दबाव का परिणाम बताया। वहीं शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने चुनाव आयोग के खिलाफ मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया।
BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की बात और हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का रवैया ठीक नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस के EVM से जुड़े सवालों का जिक्र करते हुए कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी जीत का उदाहरण दिया।
बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी INDIA ब्लॉक की बैठक और उसके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को चुनावी हार के बाद की राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया। ये बीजेपी नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
INDIA ब्लॉक की बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC(M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC(J) समेत 19 दल शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनकी पार्टी के दो सांसद बैठक में मौजूद रहे।
इन 19 दलों के पास लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद होने का दावा किया गया है।
INDIA ब्लॉक से बाहर की पार्टियों ने भी उठाए सवाल
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध सिर्फ INDIA ब्लॉक तक सीमित नहीं रहा। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है, लेकिन वह भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग करती है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए 2 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध में राजनीतिक दलों से शामिल होने की अपील की।
तमिलनाडु में कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी CEC को हटाने की मांग का समर्थन किया, हालांकि पार्टी ने साफ किया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ सहमति का मतलब INDIA ब्लॉक में शामिल होना नहीं है।
पहले भी चुनाव आयोग तक मार्च कर चुका है विपक्ष
इससे पहले 11 अगस्त 2025 को विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च किया था। विपक्षी दलों ने उस समय भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे।
अब INDIA ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में विरोध प्रदर्शन और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। आने वाले महीनों में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का यह मुद्दा और आगे बढ़ सकता है।

