केंद्रीय मंत्रिमंडल के बड़े फैसले:दालों में आत्मनिर्भरता मिशन को मंजूरी,57 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे,महंगाई भत्ते में 3% बढ़ोतरी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए। इनमें दालों में आत्मनिर्भरता मिशन, 57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना और केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी शामिल हैं।

दालों में आत्मनिर्भरता मिशन

सरकार ने 2025-26 से 2030-31 तक चलने वाले “मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज़” को मंजूरी दी। इस छह वर्षीय योजना पर 11,440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

  • लक्ष्य है कि 2030-31 तक देश में दालों का उत्पादन 350 लाख टन तक पहुंचाया जाए।
  • मिशन से करीब 2 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
  • किसानों को 88 लाख मुफ्त बीज किट उपलब्ध कराई जाएंगी और 1,000 प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी ताकि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
  • अगले चार साल तक तूर, उड़द और मसूर की 100% सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर होगी।

सरकार का कहना है कि इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि आयात पर निर्भरता भी घटेगी।

57 नए केंद्रीय विद्यालय

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने 57 नए केंद्रीय विद्यालय (KVs) खोलने की मंजूरी दी। इस पर नौ वर्षों में लगभग 5,862 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  • ये विद्यालय 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में खोले जाएंगे, जिनमें 14 आकांक्षी जिले और उत्तर-पूर्व व नक्सल प्रभावित इलाके शामिल हैं।
  • पहली बार सभी नए KVs में बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) की भी सुविधा होगी।
  • इससे 86,640 छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा और 4,600 से अधिक स्थायी रोजगार सृजित होंगे।

फिलहाल देश में 1,288 केंद्रीय विद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें तीन विदेश (मॉस्को, काठमांडू और तेहरान) में हैं।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी

मंत्रिमंडल ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दी।

  • यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू होगी।
  • महंगाई भत्ता अब मूल वेतन/पेंशन का 58% हो जाएगा।
  • इससे लगभग 49.19 लाख कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
  • सरकार पर सालाना करीब 10,084 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

इन फैसलों को सरकार ने किसानों की आय, शिक्षा की गुणवत्ता और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक कदम बताया है।