भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मंगलवार को करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला व सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत के दौरान भारत और अमेरिका के बीच विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बातचीत में ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसका खुला और सुरक्षित रहना जरूरी है।
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को “सकारात्मक और उत्पादक” बताया। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता गतिरोध में बताई जा रही है। इससे पहले भी 24 मार्च को दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चर्चा हो चुकी है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस वार्ता में अन्य व्यक्तियों की भागीदारी के दावे किए गए थे, हालांकि भारत सरकार ने इन रिपोर्ट्स को खारिज किया है।

