उदयपुर, 14 अक्टूबर — झीलों की नगरी उदयपुर में मंगलवार को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, और पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया सहित देशभर से आए राज्यों के पर्यटन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
यह कॉन्फ्रेंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वन स्टेट–वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन” पहल के तहत आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य भारत के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाना और देश में 50 नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों का विकास करना है।
“भारत में पर्यटन की असीम संभावनाएं, जरूरत है तलाशने और तराशने की” — गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि “उदयपुर सिर्फ एक मनमोहक डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि पहले पर्यटन को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, लेकिन अब राज्यों के बीच पर्यटन विकास को लेकर “स्वस्थ प्रतिस्पर्धा” शुरू हो गई है, जो भारत को वैश्विक पर्यटन सूचकांक (WTI) में शीर्ष दस देशों में शामिल करने के लक्ष्य की शुरुआत है।
शेखावत ने बताया कि 2024 में भारत में लगभग 2 करोड़ विदेशी पर्यटक आए और घरेलू पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में WTI में 39वें स्थान पर है, और लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में यह शीर्ष दस देशों में शामिल हो।
साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य GDP में पर्यटन का योगदान 5-6% से बढ़ाकर 10% तक करना है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए हर राज्य को कम से कम एक ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करना होगा, ताकि भारत विदेशी पर्यटकों की अपेक्षाओं को पूरा कर सके और घरेलू यात्रियों को “पहले अपना देश घूमें, फिर विदेश” की अवधारणा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
“हर किला, हर महल अपनी कहानी कहता है” — उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कॉन्फ्रेंस के लिए राजस्थान को चुने जाने पर केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का गौरवपूर्ण इतिहास, विविध विरासत, कला और संस्कृति इसे विश्व के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप राजस्थान को “लीडिंग ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन” के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज़ी से जारी हैं।
“केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हमारे अपने राज्य से हैं, और उनके नेतृत्व में राजस्थान को निश्चित रूप से बड़ा लाभ मिल रहा है,” उन्होंने कहा।
“मेवाड़ पर पुरखों और प्रकृति का आशीर्वाद” — गुलाबचंद कटारिया
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि “मेवाड़ की धरती पर इतिहास और प्रकृति दोनों का आशीर्वाद है। झीलें, पहाड़ और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसे अद्वितीय बनाते हैं।”
उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों को उदयपुर और आसपास के स्थलों का भ्रमण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं को नज़दीक से देखने का आग्रह किया।
राज्यों ने दिए “ग्लोबल डेस्टिनेशन” प्रस्ताव
कॉन्फ्रेंस में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने “वन स्टेट–वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन” प्रस्तावों की प्रस्तुतियाँ दीं।
राजस्थान पर्यटन विभाग ने अपने प्रजेंटेशन में उदयपुर (महाराणा प्रताप सर्किट), जैसलमेर, और पुष्कर को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना रखी।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी और लक्षद्वीप जैसे राज्यों ने भी अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
निष्कर्ष
उदयपुर में यह दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाई पर पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्यों के प्रस्तावित “ग्लोबल डेस्टिनेशन” योजनाएं अमल में लाई गईं, तो भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए शीर्ष पसंद बनेगा, बल्कि घरेलू पर्यटन को भी अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।

