ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी:भारतीय सेना ने बताया ‘रणनीतिक बदलाव’,कहा- पाकिस्तान ने खुद संघर्ष रोकने की अपील की थी

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर जयपुर में आयोजित संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे भारत की आतंकवाद-रोधी नीति में “निर्णायक मोड़” बताया। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि सीमा पार आतंक ढांचे के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच का संकेत था।

पूर्व डीजीएमओ राजीव घई ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पहली बार नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार जाकर आतंक ठिकानों को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, कार्रवाई “सटीक, संतुलित और स्पष्ट उद्देश्य” के साथ की गई थी।

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं, बल्कि शुरुआत था। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।” घई ने दावा किया कि भारतीय हमलों में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ बड़े आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने यह भी कहा कि कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए बातचीत की पहल की थी। राजीव घई के अनुसार, भारत ने अपने सैन्य लक्ष्य हासिल करने के बाद संघर्ष विराम पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि लंबे युद्ध से बचते हुए “कैलिब्रेटेड और तेज़ जवाब” दिया गया।

अवधेश कुमार भारती, जो उस समय वायुसेना में उप प्रमुख थे, ने कहा कि भारत की “शांति की नीति को कमजोरी समझा गया”, जिसके बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी शिविरों, 11 एयरफील्ड और 13 विमानों को निशाना बनाया या नष्ट किया।

भारती ने कहा कि भारतीय कार्रवाई “निर्णायक और घातक” थी और पाकिस्तान भारतीय सैन्य ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा सका। उन्होंने कहा कि “कथाओं और बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि ज़मीनी तथ्यों से जीत तय होती है।”

नौसेना संचालन महानिदेशक ए एन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन ने पाकिस्तान की “परमाणु धमकी की रणनीति” को चुनौती दी। उनके मुताबिक, भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती के कारण पाकिस्तान की नौसैनिक और हवाई इकाइयों को अपने तटों तक सीमित रहना पड़ा।

अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने साझा रणनीति और रियल टाइम समन्वय के साथ काम किया। इस दौरान ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली, ड्रोन और स्वदेशी निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया। सेना ने इसे “आत्मनिर्भर भारत” की रक्षा क्षमताओं का उदाहरण बताया।

भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव रहा। 10 मई 2025 को दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के बाद संघर्ष विराम लागू हुआ।