केरल में आर्य वैद्य शाला के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संदेश:आयुर्वेद संतुलन और प्रकृति से सामंजस्य का मार्ग

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल स्थित आर्य वैद्य शाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत में किसी एक काल या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सदियों से यह जीवन को समझने, संतुलन बनाने और प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहने का मार्ग दिखाता आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्य वैद्य शाला ने अपने 125 वर्षों के सफर में आयुर्वेद को एक प्रभावी और विश्वसनीय चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने संस्थान के संस्थापक वैद्यरत्न पी.एस. वारियर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी सेवा और लोककल्याण की भावना आज भी प्रेरणा देती है।


“सेवा यहां विचार नहीं, व्यवहार है”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्य वैद्य शाला सेवा को केवल विचार नहीं, बल्कि कर्म के रूप में जीती है। उन्होंने बताया कि संस्थान का चैरिटेबल अस्पताल पिछले 100 वर्षों से निरंतर जनसेवा कर रहा है और आज यह भारत की प्राचीन उपचार परंपरा का जीवंत प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने वैद्य, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सभी कर्मचारियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।


निवारक स्वास्थ्य पर सरकार का जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में देश की स्वास्थ्य नीति में बड़ा बदलाव आया है। आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को एकीकृत दृष्टिकोण के तहत लाने के लिए आयुष मंत्रालय की स्थापना की गई।

उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत राष्ट्रीय आयुष मिशन शुरू किया गया और देशभर में 12 हजार से अधिक आयुष वेलनेस सेंटर खोले गए हैं, जहां योग, निवारक देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


वैश्विक स्तर पर बढ़ रही आयुष की पहचान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष क्षेत्र का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। भारत से आयुष और हर्बल उत्पादों का निर्यात 2014 में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 6,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे किसानों को भी सीधा लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत अब AYUSH आधारित मेडिकल वैल्यू ट्रैवल का भरोसेमंद केंद्र बन रहा है। आयुष वीज़ा जैसी पहलें विदेशी मरीजों को पारंपरिक भारतीय चिकित्सा से जोड़ रही हैं।


यूरोपीय संघ समझौते से आयुर्वेद को नई ताकत

प्रधानमंत्री ने भारत–यूरोपीय संघ के हालिया मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे आयुर्वेद और योग से जुड़े युवाओं के लिए यूरोप में नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे यूरोपीय देशों में आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।


आधुनिक तकनीक और एआई से जुड़ने की जरूरत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ना आवश्यक है। इससे रोग की पूर्व पहचान, शोध और उपचार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्य वैद्य शाला ने यह दिखाया है कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं, और वैज्ञानिक शोध के जरिए आयुर्वेद पर लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।


प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में आर्य वैद्य शाला इसी सेवा भावना के साथ मानवता की सेवा करती रहेगी और भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगी। इस अवसर पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।