राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड विधानसभा को संबोधित किया,कहा – “विधानसभाएं हमारे संसदीय तंत्र की मुख्य आधारशिला हैं”

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देहरादून। उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को देहरादून स्थित उत्तराखंड विधानसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र में विधायिकाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विधानसभाएं हमारे संसदीय तंत्र की प्रमुख आधारशिला हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने संसदीय प्रणाली को अपनाकर “जनता के प्रति निरंतर जवाबदेही” को सर्वोपरि महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति यह सतत जवाबदेही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति भी है और सबसे बड़ी चुनौती भी।

राष्ट्रपति ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच की सबसे अहम कड़ी हैं। “जनता से जुड़कर, उनकी समस्याओं का समाधान करना और जमीनी स्तर पर सेवा करना एक बड़ा सौभाग्य है,” उन्होंने कहा। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे जनता के कल्याण के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करें।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विकास और जनकल्याण का कार्य पार्टी राजनीति से परे होना चाहिए। उन्होंने विधानसभा सदस्यों से समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए विशेष संवेदनशीलता के साथ काम करने का आग्रह किया और कहा कि युवाओं को अधिक अवसर देना भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का प्रावधान किया था। उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाने और यूसीसी विधेयक लागू करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा की सराहना की।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब तक 550 से अधिक विधेयक उत्तराखंड विधानसभा में पारित किए जा चुके हैं, जिनमें उत्तराखंड लोकायुक्त विधेयक, जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार विधेयक और एंटी-कॉपीिंग बिल जैसे महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये विधेयक पारदर्शिता, नैतिकता और सामाजिक न्याय की भावना से प्रेरित हैं।

उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य और संसाधनों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि “राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए अपनी प्रकृति की संपदा की रक्षा करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने पर्यावरण, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि समग्र विकास के प्रयासों के चलते राज्य ने मानव विकास सूचकांकों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य राज्य और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।