जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के चौथे दिन कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर ने हिंदुत्व और हिंदुइज्म को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व और हिंदुइज्म दो अलग-अलग चीजें हैं। मैंने जितनी हिंदू धर्म से जुड़ी किताबें पढ़ी हैं, उनका हिंदुत्व से कोई मेल नहीं है। हिंदुत्व केवल एक राजनीतिक हथियार है।
थरूर ने कहा कि हिंदुत्व हिंदुइज्म को सीमित कर देता है और इसे “एक ईश्वर, एक मंदिर, एक नेता और एक चुनाव” तक सिमटा दिया गया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू धर्म सभी को अपनाने वाला होता है और इसमें किसी एक मार्ग को सर्वोत्तम बताने की कोई जगह नहीं है।
इंडिया गठबंधन पर बोले- न शोकगीत गाने की जरूरत, न जश्न मनाने की
लोकसभा चुनावों के बाद INDIA गठबंधन में आई दरार पर थरूर ने कहा कि “जब यह गठबंधन बना था, तब भी साफ था कि यह राज्यों में अलग तरीके से काम करेगा। लोकसभा चुनावों तक हम साथ थे, लेकिन अब यह राज्यों के राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा। इसलिए न गठबंधन के टूटने पर शोकगीत गाने की जरूरत है और न ही अलग चुनाव लड़ने का जश्न मनाने की।”
‘मुझे दर्द बांटने वालों की जरूरत थी, लेकिन मीडिया ने निशाने पर लिया’
शशि थरूर ने एक अन्य सत्र में पत्रकार वीर संघवी से बातचीत में कहा कि उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के समय मीडिया ने उन्हें ट्रोल किया। उन्होंने कहा, “जिस वक्त मुझे सहानुभूति की जरूरत थी, उस वक्त मीडिया ने मुझे निशाने पर लिया।”
संयुक्त राष्ट्र में अपने समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि “कॉफी अन्नान ने मुझसे कहा था कि शार्क के काटने से खून नहीं बहाना चाहिए, वरना वह आपको खा जाएगी। भारत के मीडिया ट्रायल ने मुझे इस बात का मतलब समझा दिया।”
अमोल पालेकर का खुलासा – बीआर चोपड़ा ने इंडस्ट्री से बाहर निकालने की धमकी दी थी
JLF के मंच पर अभिनेता अमोल पालेकर ने फिल्म निर्माता बीआर चोपड़ा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने बकाया पैसे मांगे तो चोपड़ा ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बाहर निकालने की धमकी दी थी। पालेकर ने जवाब में कहा, “फिल्म इंडस्ट्री आपका बंगला नहीं, मैं यहां अपनी मेहनत से टिका हूं।”
बात बढ़ने पर मामला कोर्ट तक गया, जहां अमोल पालेकर ने जीत दर्ज की। कोर्ट ने ब्याज समेत उनकी राशि लौटाने का आदेश दिया, जिसे उन्होंने दान कर दिया था।

