राजस्थान में ऑल इंडिया परमिट वाली स्लीपर बसों का संचालन ठप हो गया है। जयपुर, उदयपुर और भीलवाड़ा को छोड़कर राज्यभर में करीब 7 हजार बसें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जोधपुर, कोटा, अजमेर और अन्य जिलों में स्लीपर बसें पूरी तरह बंद हैं। ट्रेवल एजेंसियों ने ऑनलाइन बुकिंग भी रोक दी है, जिसके चलते लोग अब ट्रेन का रुख कर रहे हैं। इससे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
दरअसल, हाल ही में स्लीपर बसों में हुए हादसों के बाद परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। नियमों के उल्लंघन पर कई बसों के चालान काटे गए और कुछ को सीज भी किया गया। इस कार्रवाई से नाराज़ ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप बस संचालन बंद करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने कार्रवाई नहीं रोकी, तो स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट वाली बसें भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगी।
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग “एकतरफा कार्रवाई” कर रहा है — “यात्रियों को बीच रास्ते में उतारकर बसें जब्त की जा रही हैं और चालान मनमाने तरीके से बनाए जा रहे हैं।”
ऑपरेटरों ने बताया कि उन्होंने 27 अक्टूबर को परिवहन अधिकारियों से मुलाकात की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। एसोसिएशन ने आज दोपहर गोपालबाड़ी में बैठक बुलाकर आगे की रणनीति और संभावित प्रदर्शन की घोषणा करने का फैसला लिया है।
इस बीच, जयपुर में स्लीपर बसों का संचालन जारी है, लेकिन दूसरे शहरों से यात्रा करने वाले यात्रियों के कारण जयपुर रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ गई है।

