एससीओ न्यायमंत्रियों की बैठक में बोले केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल — ‘भारत सुलभ,समावेशी और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा’

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नई दिल्ली।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों की बारहवीं न्यायमंत्रियों की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक में सदस्य देशों ने न्याय प्रणाली में डिजिटलीकरण, वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR) और कानूनी सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

अर्जुन राम मेघवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की न्याय प्रणाली में हो रहे व्यापक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी के लिए सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-संचालित न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि ई-लोक अदालत जैसी पहल से विवादों के शीघ्र और सुलभ निपटारे को बल मिला है।

मेघवाल ने कहा कि सरकार वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली (ADR) को प्राथमिकता दे रही है ताकि लंबित मामलों का समाधान तेजी से हो सके। उन्होंने बताया कि भारत में व्यावसायिक न्यायालय अधिनियम और मध्यस्थता एवं सुलह कानून जैसे सुधारों से निवेश और व्यापार के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

बैठक में बेलारूस, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के न्याय मंत्री शामिल हुए। चर्चा के दौरान सभी देशों ने कानूनी सूचना के आदान-प्रदान और डिजिटल न्याय व्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

बैठक के अंत में एक संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement) अपनाया गया, जिसमें सदस्य देशों ने न्याय मंत्रालयों के बीच सहयोग, अनुभव साझा करने और विधिक क्षेत्र में सम्मेलन व सेमिनार आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत की ओर से इस बैठक में कानून सचिव डॉ. अंजू राठी राणा, विदेश मंत्रालय के अधिकारी आलोक ए. दिमरी, डॉ. एस.के. जैन, रेनू सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अगली बैठक वर्ष 2026 में ताजिकिस्तान की मेज़बानी में आयोजित की जाएगी।