कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को संसद से बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग वोटों की चोरी कर रहा है और कांग्रेस के पास इसके “100% सबूत” हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हमारे पास एटम बम है, जब फटेगा तो चुनाव आयोग बचेगा नहीं। जो लोग वोट चुराने में शामिल हैं, हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं। चाहे वे रिटायर क्यों न हो जाएं, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे, क्योंकि वे देश के खिलाफ काम कर रहे हैं, जो देशद्रोह है।”
लगातार दूसरी बार चुनाव आयोग पर निशाना
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को इस तरह से ललकारा हो। इससे पहले 24 जुलाई को भी उन्होंने कहा था कि “अगर चुनाव आयोग और उसके अधिकारी सोचते हैं कि वे बच निकलेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं।”
“भाजपा के लिए वोट चोरी कर रहा है चुनाव आयोग” — राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव में गड़बड़ियों का शक हुआ था, जो अब सबूतों के रूप में सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे, पूरा देश जान जाएगा कि “चुनाव आयोग बीजेपी के लिए वोट चुराने का काम कर रहा है।”
कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए राहुल ने कहा कि वहां 18 साल से ऊपर के वोटरों को सूची से हटाया गया जबकि 50 से 65 साल के हजारों नए नाम जोड़े गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यही खेल देशभर की कई सीटों पर खेला गया है।
बिहार में वोटर वेरिफिकेशन पर विपक्ष का हंगामा
इस बीच बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावर है। शुक्रवार को आयोग ने नई वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट सभी राजनीतिक दलों को सौंपा है।
आयोग के मुताबिक, बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.24 करोड़ रह गई है। यानी करीब 65 लाख नाम हटाए गए हैं।
हटाए गए नामों की वजहें
आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों में 22 लाख मृत मतदाता थे, 36 लाख लोग अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे और 7 लाख लोग किसी नए पते पर स्थायी निवासी बन गए हैं।
यह प्रक्रिया “स्पेशल समरी रिवीजन” यानी SIR के तहत 24 जून 2025 से शुरू हुई थी, जिसका पहला चरण 25 जुलाई को पूरा हुआ। इस दौरान 99.8% मतदाताओं का फॉर्म अपडेट किया गया।
राहुल गांधी के बयानों और बिहार के वोटर रिवीजन विवाद के बीच देश की चुनावी प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने अब तक राहुल गांधी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

