जयपुर के सदर थाने में एक युवक की कथित आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस हिरासत में हुई इस मौत के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी (CI) समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही इस मामले की जांच अब न्यायिक मजिस्ट्रेट से कराई जाएगी।
मृतक मनीष पांडे (28), उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और जयपुर के मांग्यावास इलाके में किराए पर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, वह शराब का आदी था और वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। शनिवार को इलाके के लोगों ने उसे बाइक चोरी करते हुए पकड़ा और पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। थाने में एचएम रूम के पास बैठाए जाने के दौरान उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद मृतक के परिजन SMS अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग की। मौके पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास पहुंचे और परिवार से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष पुलिस की दहशत में था और सरकार से न्याय की मांग की।
परिवार और सरकार के बीच बनी सहमति
परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही, मनीष की पत्नी को संविदा पर नौकरी और एक पुलिस अधिकारी के निलंबन पर भी सहमति बनी है। सरकार ने आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने हिरासत में होने वाली मौतों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजरें न्यायिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

