हरियाणा के हिसार की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसका संपर्क भारत से निष्कासित किए गए पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी दानिश से था। यह संपर्क उसके यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर अपलोड किए गए एक वीडियो से उजागर हुआ, जिसमें वह 2023 में पाकिस्तानी दूतावास की इफ्तार पार्टी में नजर आई थी।
वीडियो में ज्योति और दानिश के बीच घनिष्ठ संबंध दिखाई दिए। बाद में पूछताछ में ज्योति ने भी इस संबंध की पुष्टि की। दानिश को हाल ही में भारत सरकार ने अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश से निकाल दिया था।
विदेश यात्राओं से बढ़ा शक
ज्योति 2024 में पाकिस्तान और चीन की यात्रा पर गई थी। वह अप्रैल में पाकिस्तान गई और एक महीने तक वहां रही। इसके बाद जून में चीन चली गई। इतनी कम अवधि में दोनों देशों का वीजा मिलना और उसका खर्च उठाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए संदेह का विषय बना।
पाकिस्तान यात्रा के दौरान वह करतारपुर कॉरिडोर से होकर गई और वहां पाकिस्तानी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से भी मिली। इसके अलावा, पाकिस्तान में उसे पुलिस सुरक्षा और वीआईपी ट्रीटमेंट मिला, जो एक आम भारतीय नागरिक के लिए असामान्य है।
एजेंसियों को खटकी ये बातें
- बिना आय स्रोत के लगातार विदेश यात्राएं
- पाकिस्तान में उच्च अधिकारियों से निकटता
- पाक दूतावास की पार्टियों में नियमित उपस्थिति
- महंगे होटलों और फर्स्ट क्लास फ्लाइट्स में सफर
पूछताछ में खुलासे
पुलिस पूछताछ में ज्योति ने बताया कि वह वीजा के लिए पाकिस्तानी दूतावास गई थी, जहां दानिश से मुलाकात हुई। वहीं से बातचीत शुरू हुई। बाद में पाकिस्तान में उसका संपर्क पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से कराया गया और उन्होंने ही उसका यात्रा व ठहरने का पूरा प्रबंध किया।
भारत लौटने के बाद ज्योति ने वॉट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य माध्यमों से संवेदनशील सूचनाएं साझा कीं। हालांकि उसने किस तरह की जानकारी भेजी, इसका खुलासा अब तक नहीं हुआ है।
सामान्य परिवार से लग्जरी लाइफ तक
ज्योति एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता कारपेंटर हैं और घर की स्थिति बेहद साधारण है। दिल्ली में कुछ समय 20 हजार की नौकरी करने के बाद कोरोना काल में वह बेरोजगार हो गईं। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया के ज़रिए ट्रैवल वीडियो बनाना शुरू किया।
गिरफ्तारी से पहले हुई लंबी पूछताछ
पुलिस और एजेंसियां ज्योति की गतिविधियों को लंबे समय से ट्रैक कर रही थीं। 15 मई को उनके घर छापेमारी हुई और मोबाइल व लैपटॉप जब्त किए गए। तीन दिन की पूछताछ के बाद आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
परिवार का दावा: “उसे फंसाया जा रहा है”
ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने बताया कि उनकी बेटी निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्योति ने कभी कोई गलत काम नहीं किया।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं कि कहीं यह मामला बड़ी जासूसी साजिश का हिस्सा तो नहीं।

